NPCI

NPCI ने 1 अगस्त 2024 से घरेलू मनी ट्रांसफर चार्ज को 1% से बढ़ाकर 1.2% किया: सभी मनी ट्रांसफर पोर्टल्स को अब इस चार्ज का करना होगा भुगतान

WhatsApp Group Join Now

नई दिल्ली: 1 अगस्त 2024 से National Payments Corporation of India (NPCI) ने घरेलू मनी ट्रांसफर चार्ज को बढ़ाकर 1.2% कर दिया है। पहले यह चार्ज 1% था। यह नया चार्ज सभी मनी ट्रांसफर पोर्टल्स पर लागू होगा, जो कि पैसे ट्रांसफर की सेवाएं प्रदान करते हैं।

NPCI का फैसला

NPCI ने यह फैसला डिजिटल ट्रांजेक्शन्स को और अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए लिया है। NPCI का मानना है कि इस बढ़े हुए चार्ज से उन्हें बेहतर सर्विस और सुरक्षा मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

उपयोगकर्ताओं पर असर

इस बदलाव का सीधा असर उन उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा जो नियमित रूप से पैसे ट्रांसफर करते हैं। अब उन्हें हर ट्रांजेक्शन पर पहले से अधिक चार्ज देना होगा। हालांकि, NPCI ने कहा है कि यह बढ़ा हुआ चार्ज यूजर्स के लिए सुरक्षित और बेहतर ट्रांजेक्शन अनुभव प्रदान करेगा।

MONEY TRANSFER

 

मनी ट्रांसफर पोर्टल्स की प्रतिक्रिया

प्रमुख मनी ट्रांसफर पोर्टल्स ने इस बढ़े हुए चार्ज को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उनका कहना है कि इससे यूजर्स की ट्रांजेक्शन कॉस्ट बढ़ेगी, जो कि उन्हें पसंद नहीं आएगी। हालांकि, सभी पोर्टल्स को अब इस चार्ज का पालन करना अनिवार्य होगा।

वित्तीय विशेषज्ञों की राय

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और मजबूत करेगा। उनके अनुसार, इस चार्ज से NPCI को अपने सिस्टम को अपग्रेड करने और नए फीचर्स जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे अंततः उपयोगकर्ताओं को ही लाभ होगा।

UPI पर असर

अगर आप Paytm, PhonePe, Google Pay जैसी यूपीआई एप्लीकेशन्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपको यह चार्ज नहीं देना होगा, यह चार्ज केवल मनी ट्रान्सफर पोर्टल्स पर ही बढ़ाया गया हैं, जो नियमित रूप से मनी ट्रान्सफर आदि का कार्य करते हैं।

 

NPCI का भविष्य का दृष्टिकोण

NPCI ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में वे और भी बदलाव कर सकते हैं, ताकि डिजिटल पेमेंट सिस्टम और भी अधिक यूजर-फ्रेंडली और सुरक्षित हो सके। NPCI का लक्ष्य है कि भारत में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल इकोनॉमी का हिस्सा बनाना।


इस नए चार्ज के साथ, NPCI उम्मीद कर रहा है कि डिजिटल पेमेंट्स को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा और भारत के वित्तीय सिस्टम में सुधार होगा। उपयोगकर्ताओं को इस बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए और अपनी ट्रांजेक्शन स्ट्रैटेजी को उसके अनुसार एडजस्ट करना चाहिए।


Discover more from NwB

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *